इतिहास
बिहार के समस्तीपुर जिला में नया काम जो अन्य जिला में नहीं हुआ :-
1) 2000 में जवाहर समृद्धि रोजगार योजना की पंचायत समिति के लिए करनांकित राशि से प्रखंड पंचायत समिति भवन का निर्माण DM – Deepak Pd (IAS -SC), DDC – Manohara Ram (BAS) , Clerk – Shiv Pujan Thakur (EBC)
2) 2004 में राष्ट्रीय सम विकास योजना की राशि से (a) उच्च विद्यालयों में दो मंजिला भवन का निर्माण
(b) पशुमित्र और किसान मित्र का प्रशिक्षण
(c) शहर में नाला युक्त PCC सड़क निर्माण।
DM – Narmdeshwar lal (IAS -SC), DPO – Sanjai kr, Clerk – Shiv Pujan Thakur
(3) 2015 ग्रामीण चौकदार अनुकंपा नियुक्ति में आश्रित आवेदक को उनके योग्यता के आधार पर 3rd ग्रेड में बहाली DM – Ramchandrudo (IAS -SC), AC – Gautam Paswan, HA – Shiv Pujan Thakur
(4) 2017 में हीं समाहरणालय संवर्ग के कर्मियों का प्रोन्नति। DM – Pranav kr (IAS), EDC – Md Rasid kalim Ansari, HA – Shiv Pujan Thakur
(5) 2018 में कार्यपालक सहायक नियुक्ति मेधा पैनल के पिछड़ा वर्ग की महिला 3% में अनारक्षित कोटि के पात्र महिला को लाभ। DM – Pranav kr (IAS), EDC – Arvind kr, HA – Shiv Pujan Thakur
जबकि सरकार का पत्र/प्रावधान पूरे बिहार के लिए समान था। मगर कुछ अलग हट कर नया मात्र समस्तीपुर में हीं हुई जहां Clerk/HA Mr.S.P. Thakur थे.1. श्रम विभाग के मजदूरी सूची में 1996 में बढ़ईगिरी को शामिल कराना |
DM के अधीन नौकरी (1982 से 2024 ) करते हुए जाति संगठन बनाया तथा लोगों को सहयोग (समय और अर्थ) देकर इसे चलवाया/चलाया। ट्राइसम, ड्वाकरा किट्स वितरण कमिटी, केंद्र प्रायोजित योजना के अनुश्रवण समिति, श्रम कल्याण बोर्ड समिति, आरामिल समन्वय समिति, पर्यावरण, वन एवं उद्यान विभाग के बजट पूर्व प्राक्कलन समिति में संगठन के जिला/राज्य सचिव सदस्य बने।
टाइम और कार्य मैनेजमेंट के तहत समय निकाल कर सामाजिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक सभी सांगठनिक कार्यक्रम में भाग लिया
आरा मील की छटनी पर रोक, लकड़ी TP अधिकार पंचायत को देना, बढ़ई को EBC में शामिल कराना इत्यादि डिमांड्स से संबंधित बैठक, सम्मेलन, धरना, प्रदर्शन, रैली (गांधी मैदान ४ अप्रैल २०१८) में भाग लेना/ संबोधन करना।
नौकरी में रहते २९ जनवरी २०२३ को मिलर हाई स्कूल मैदान की रैली अपनी अध्यक्षता में कराना। इसके पूर्व २४.१.२०२३ को सभी DM के समक्ष प्रदर्शन कराना, जिसमे मुजफ्फरपुर DM को डेलीगेट्स के साथ मांग पत्र देना इत्यादि के बावजूद बेदाग सेवा निवृत हो जाना मै अपने को भाग्यशाली और बड़ों का प्रसाद प्रयन्त मानता हूँ।
तो, क्या आप नौकरी और व्यवसायिक वर्ग (जो सक्षम होते हैं) मेरे जैसा नहीं कर सकते हैं। बिल्कुल कर सकते हैं। केवल सामाजिक इक्छाशक्ति जगाने की जरूरत है
मै भी कुछ और धन अर्जन कर सकता था! परन्तु, अप्रत्यक्ष धन जो संग्रह हुआ है उससे मैं मृत्युकाल तक प्रसन्न रहूंगा।
अतः हे नौकरी करनेवाले/व्यवसाय करने वाले/त्रिस्तरीय पंचायती राज चुनाव लड़ने वाले बढ़ई पुत्र, बढ़ई काष्ठ मजदूरों के साथ वाली आन्दोलन से EBC बने हो, जिसका लाभ सबको मिल रहा है/सब ले रहें हैं। इसलिए इन मजदूरों/समाज के प्रति अपनी जवाबदेही निभाओ। आपका हीं शिव पूजन ठाकुर
